परीक्षा के बाद


संपूर्ण कविता पढने के लिए यहाँ क्लिक करे

http://www.eklavya.in/chakmak/chakmak/Sep-Nov_11_Issue/pages/102_Pariksha_bad.htm


Comments

Popular posts from this blog

गदर में ग़ालिब - डॉ. कैलाश नारद

ज़मीं को जादू आता है - गुलज़ार

They Called Her ‘Fats’- Paro Anand (Part 1)