Saturday, July 14, 2012

जश्न-ए-बचपन

चकमक एक मासिक बाल विज्ञानं पत्रिका है | इसका पहला संकलन सन 1985 में प्रकाशित हुआ था | यह पत्रिका बच्चो की रचनाओ को सराहने के लिए प्रति माह प्रकाशित की जाती है | यह ११ से १४ साल के बच्चो के लिए सबसे अच्छी पत्रिका है, चकमक  एक माध्यम है जिससे बच्चो के मन में अपनी रचना को जागृत करने की रूचि जगाई जा सकती है | चकमक संकलन है कुछ कविताओ, कुछ कहानियों, और कुछ ऐसी रचनाओं का जिन्हें बच्चों ने लिखा है | बच्चों की रचनाओं में झलकता है उनका दृष्टिकोण, आस पास की दुनिया का गहरा अवलोकन | आज के बाल साहित्य में बच्चों की रचनाओं को अक्सर बहुत कम स्थान मिलता है, हमारी कोशिश रही है कि बच्चों की रचनात्मकता को माकूल जगह दी जाये क्योकि बच्चों को केवल कवितायेँ और कहानियाँ सुनाना. पढने देना ही पर्याप्त नहीं है उनकी अभिव्यक्ति को मंच देना भी उतना ही आवश्यक है | चकमक अपने 26 वर्ष बड़ी ही सफलता से पूरे कर चुका है इस मौके पर भोपाल में एक दिनी उत्सव "जश्न बचपन" आयोजित किया गया जिसमे गुलज़ार जी ने अपनी कविताये सुनाई | चकमक को उम्मीद है कि उसके पाठक चकमक से जुड़े रहेंगे |




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