Sunday, June 24, 2012

इतवार के दिन
सुबह देर से होती है
बेहद पीली होती है 
इतवार की दोपहर
और शाम उजली नीली 
रात का रंग
सोमवार की याद में
काला ही रहता है
इतवार के दिन बार बार
घडी नहीं देखी जाती हैं
वेसे भी वह धीरे चलती है
वर्षो बाद सुना जाता है
रेडियो इस दिन
खंगोले जाते हैं पुराने कागज
दोस्त आ सकता है
इतवार के दिन
पर कोई चिट्ठी नहीं

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