Wednesday, April 25, 2012

बाप रे साँप

रात को अँधेरे में भूतों क दर से
में निकला था अपने पडोसी क घर से 
रास्ते में निकला था साँप लम्बा सा 
पास जाकर देखा तो में डर गया 
दूर से लग रहा था जो बिलकुल लकड़ी सा
पास जाकर देखा तो में डर गया 
मारे डर के पडोसी के घर भग गया
रात बीती और जब हुआ उजाला
तब कहीं में अपने घर को निकला

आदित्य तिवारी , कानपुर


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