Saturday, October 8, 2011

बुलबुल के बच्चे

बुलबुल के थे अंडे तीन
उनसे निकले बच्चे तीन
मां उनको नादान समझती
लेकिन वे है बड़े जहीन
कल तक देख नहीं पाते थे
चीं चीं चीं चीं चिचियाते थे

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2 comments:

  1. वाह, बुलबुल के तीन बच्चे! वाह! सुन्दर कविता। मेरे नाती के लिये बहुत काम की है।

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